हिंदी काव्यशाला : कबीर दोहावली (अमृतवाणी ) भाग :02 Kamal Kripal 5:09:00 am समझाये समझे नहीं, पर के साथ बिकाय । मैं खींचत हूँ आपके, तू चला जमपुर जाए ॥५१॥ हंसा मोती विण्न्या,…